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रीवा रेलवे स्टेशन: 300 स्टाफ के बावजूद रीवा में उपचार की व्यवस्था नहीं, मजबूर रेलकर्मी 50 km दूर सतना जाते हैं इलाज कराने

रीवाएक घंटा पहले

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रीवा रेलवे स्टेशन फाइल फोटो

विंध्य क्षेत्र के रीवा रेलवे स्टेशन को खुले दो दशक से ज्यादा हो रहे है। फिर भी रेलकर्मियों के लिए एक अस्पताल तक नहीं बनाया गया। ऐसे में मजबूर कर्मचारी सामान्य बीमारी के लिए 50 किमी. दूर सतना स्टेशन उपचार कराने जाते है। बता दें कि रीवा रेलवे स्टेशन से सबसे निकल सतना स्टेशन है। जिससे अधिकारी से लेकर कर्मचारियों तक को इलाज कराने जाना पड़ता है।

कई बार पत्राचार पर नहीं मिली सफलता
रेलवे यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि रेलवे अधिकारियों को यूनियन की ओर से अस्पताल खोलने के लिए समय-समय पर पत्राचार किया गया है। साथ ही मांग पत्र का ज्ञापन भी सौंपा गया, पर आज तक सफलता नहीं मिली है। जबकि विभाग के बड़े अधिकारी सब जानते है। लेकिन किसी ने प्रयास नहीं किया है।

300 कर्मचारियों का स्टाफ
गौरतलब है कि वर्तमान समय में रीवा रेलवे स्टेशन अंतर्गत 300 से ज्यादा कर्मचारियों का स्टाफ है। ऐसे में कई लोगों को आए दिन उपचार ​की जरूरत पड़ती है। कुछ को सामान्य तो वहीं कुछ गंभीर रूप से बीमार होने पर दूसरे अस्पताल या फिर सतना स्थित रेलवे अस्पताल जाते है।

शहर के अस्पतालों में रेलवे कर्मचारी ले रहे शरण
रीवा रेलवे स्टेशन में पदस्थ कर्मचारियों को बीमारी होने पर शहर के संजय गांधी अस्पताल व बिछिया जिला अस्पताल में शरण लेनी पड़ती है। क्योंकि रेलवे अस्पताल सतना पहुंचने में एक से दो घंटे लग सकता है। ऐसे में मजबूर कर्मचारी आपात स्थिति रीवा शहर के सरकारी अस्पतालों के भरोसे रहते है।

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मध्य प्रदेश | दैनिक भास्कर

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