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संवाद के जरिए भ्रष्टाचार पर अंकुश की कवायद: कोटा ACB ने लोगों से जन संवाद किया, कहा- ‘भ्रष्टाचार की निर्भीक होकर शिकायत करें’, काम अटकने की चिंता ना करें’

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कोटा4 मिनट पहले

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ACB उप महानिरीक्षक ने लोगों से जन संवाद करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम अब ‘जन संवाद’ के जरिए भ्रष्टाचार पर अंकुश’ की कवायद की कोशिश में लगी है।ACB के अधिकारी ऐसे लोगों से संवाद कर रहे है। जिनको विभिन्न सरकारी महकमों में अक्सर घूसखोरी का सामना करना पड़ता है। कोटा ACB उप महानिरीक्षक, सवाई सिंह गोदारा ने लोगों से जन संवाद करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि जनता से सहयोग से ही सरकार की जीरो टोलरेंस अगेंस्ट करप्शन की नीति को अच्छे से लागू कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की निर्भीक होकर शिकायत करें’,काम अटकने की चिंता ना करें’। इससे पहले उन्होंने पेंडिंग मामलों की समीक्षा बैठक व आने वाले समय में कार्रवाई के लिए क्या रोड मैप रहेगा विषय को लेकर ACB अधिकारियों से चर्चा की।

भ्रष्टाचार की निर्भीक होकर शिकायत करें',काम अटकने की चिंता ना करें'

भ्रष्टाचार की निर्भीक होकर शिकायत करें’,काम अटकने की चिंता ना करें’

जनसंवाद के दौरान लोगों के मन में कुछ शंकाएं भी थी। जिन को लेकर सवाल जवाब किए गए। खास करके संशोधित कानून को लेकर लोगों ने सवाल पूछे। जिस पर ACB अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि जो कि परिवादी शिकायत लेकर आएगा, ट्रेप कार्रवाई के बाद उसको पूरा संरक्षण दिया जाएगा।

मीडिया से बातचीत में गोदारा ने कहा कि अधिकांश मामलों में अभियोजन स्वीकृति समय पर मिल जाती है। लेकिन कुछ मामलों में अभियोजन स्वीकृति मिलने में देरी होती है। ऐसे मामले में उच्च अधिकारी से चर्चा कर कर जल्द से जल्द अभियोजन स्वीकृति लेने के प्रयास करते हैं। बिना अभियोजन स्वीकृति के न्यायालय में केस पेश नहीं कर पाना हमारी मजबूरी है। चुनी हुई संस्थाओं में नगर निगम, नगर पालिका, जिला परिषद इनके पास जो अभियोजन स्वीकृति लंबित रहती है वो बोर्ड में रखकर हमें स्वीकृति दी जाती है।ऐसे मामलों में थोड़ी देरी होती है।

हमें किसी के खिलाफ कोर्ट में मजबूत कार्रवाई के लिए मजबूत सबूतों की आवश्यकता पड़ती है। किसी के खिलाफ अगर मजबूत सबूत है, तो चाहे वो कितना ही बड़ा आदमी क्यों न हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

उन्होंने कहा कि कई बार रिश्वत की रकम जब्त होने के बाद न्यायालय से छूटने में समय लगता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने विधानसभा में घोषणा की है। जल्दी ही नई व्यवस्था लागू करेंगे। इस संबंध में नियम प्रक्रिया बन रहे हैं।

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सूत्रों से सूचना मिलने पर शिकायत को डेवलप किया जाता है। उसके पास कितना मकान, दुकान, पट्टे हैं। कितनी ज्वेलरी, कितनी संपत्ति है। इसका एसेसमेंट करके उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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राजस्थान | दैनिक भास्कर

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