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साहस को सलाम: 18 साल की लड़की को मिला पुलित्जर सम्मान, जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का बनाया था वीडियो    

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 12 Jun 2021 12:41 AM IST

सार

18 साल की लड़की को 2020 में मिनेपोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के वीडियो को फिल्माने के लिए पुरस्कार दिया गया। एक पुलिसकर्मी ने जॉर्ज की हत्या कर दी थी जिसके बाद अमेरिका के कई शहरों में दंगे भड़क उठे थे।  

जॉर्ज फ्लोएड (सांकेतिक फोटो)
– फोटो : social media

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पुलित्जर प्राइज बोर्ड ने एक युवा लड़की को अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का वीडियो बनाने के लिए खास तौर पर जिक्र करते हुए सम्मानित किया है। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिसकर्मी ने हत्या कर दी थी जिसके बाद अमेरिका के कई शहरों में दंगे भड़क उठे थे। 

2021 के प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार समारोह में 18 साल के डार्नेला फ्रेजियर को खास तौर पर मिनियापोलिस के पुलिस अधिकारी द्वारा जॉर्ज की हत्या की घटना का वीडियो बनाने के लिए सम्मानित किया गया।   

फ्रेजियर का जिक्र करते हुए कहा गया है- डार्नेला फ्रेजियर ने जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का वीडियो बनाने का साहसिक कार्य किया है। इस वीडियो के दुनिया के सामने आने के बाद पुलिस की क्रूरता का लोगों को पता चला। साथ ही सच को सामने लाने के लिए सिटीजन जर्नलिस्ट की अहम भूमिका का महत्व भी समझ में आया। 

इसके साथ ही मिनियापोलिस के स्टार ट्रिब्यून को इस घटना के शानदार कवरेज के लिए पुरस्कार से नवाजा गया जिसने लगातार ब्रेकिंग न्यूज श्रेणी के तहत इस समाचार को बढ़िया तरीके से पेश किया। 
       
इसके अलावा न्यू यॉर्क टाइम्स को कोरोना वायरस महामारी के कवरेज के लिए पब्लिक सर्विस अवॉर्ड दिया गया।  अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग श्रेणी में ऑनलाइन पोर्टल बजफीड को पहला पुलित्जर पुरस्कार मिला। 

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का मामला
मई 2020 में 46 वर्षीय अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मिनियापोलिस में तब मौत हो गई थी जब एक पुलिसकर्मी ने मामूली बात पर उसे धर दबोचा और उसकी गर्दन जोर दे दबाए रखी। इससे उसकी मौत हो गई  थी। एक वीडियो वायरल हुथा जिसमें देखा गया था  कि मिनियापोलिस के पुलिसकर्मी ने जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर अपने घुटने रख दिए थे।

जॉर्ज फ्लॉयड के हाथ बंधे हुए थे, हाथों में हथकड़ी लगी थी लेकिन श्वेत पुलिसवाले ने करीब आठ मिनट तक अपना घुटना जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर रखा। इस दौरान जॉर्ज फ्लॉयड कहता रहा कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है लेकिन पुलिसकर्मी ने एक ना सुनी।

इस वीडियो के वायरल होने से अमेरिका में लोगों के बीच भारी रोष फैल  गया और अमेरिका के कई शहरों में दंगे भड़क उठे थे। जॉर्ज फ्लॉयड को इसलिए गिरफ्तार किया गया था क्योंकि उस पर एक स्थानीय दुकान में नकली 20 डॉलर के नोट का इस्तेमाल करने का आरोप था।  
 

विस्तार

पुलित्जर प्राइज बोर्ड ने एक युवा लड़की को अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का वीडियो बनाने के लिए खास तौर पर जिक्र करते हुए सम्मानित किया है। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिसकर्मी ने हत्या कर दी थी जिसके बाद अमेरिका के कई शहरों में दंगे भड़क उठे थे। 

2021 के प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार समारोह में 18 साल के डार्नेला फ्रेजियर को खास तौर पर मिनियापोलिस के पुलिस अधिकारी द्वारा जॉर्ज की हत्या की घटना का वीडियो बनाने के लिए सम्मानित किया गया।   

फ्रेजियर का जिक्र करते हुए कहा गया है- डार्नेला फ्रेजियर ने जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का वीडियो बनाने का साहसिक कार्य किया है। इस वीडियो के दुनिया के सामने आने के बाद पुलिस की क्रूरता का लोगों को पता चला। साथ ही सच को सामने लाने के लिए सिटीजन जर्नलिस्ट की अहम भूमिका का महत्व भी समझ में आया। 

इसके साथ ही मिनियापोलिस के स्टार ट्रिब्यून को इस घटना के शानदार कवरेज के लिए पुरस्कार से नवाजा गया जिसने लगातार ब्रेकिंग न्यूज श्रेणी के तहत इस समाचार को बढ़िया तरीके से पेश किया। 

       

इसके अलावा न्यू यॉर्क टाइम्स को कोरोना वायरस महामारी के कवरेज के लिए पब्लिक सर्विस अवॉर्ड दिया गया।  अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग श्रेणी में ऑनलाइन पोर्टल बजफीड को पहला पुलित्जर पुरस्कार मिला। 

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का मामला

मई 2020 में 46 वर्षीय अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मिनियापोलिस में तब मौत हो गई थी जब एक पुलिसकर्मी ने मामूली बात पर उसे धर दबोचा और उसकी गर्दन जोर दे दबाए रखी। इससे उसकी मौत हो गई  थी। एक वीडियो वायरल हुथा जिसमें देखा गया था  कि मिनियापोलिस के पुलिसकर्मी ने जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर अपने घुटने रख दिए थे।

जॉर्ज फ्लॉयड के हाथ बंधे हुए थे, हाथों में हथकड़ी लगी थी लेकिन श्वेत पुलिसवाले ने करीब आठ मिनट तक अपना घुटना जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर रखा। इस दौरान जॉर्ज फ्लॉयड कहता रहा कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है लेकिन पुलिसकर्मी ने एक ना सुनी।

इस वीडियो के वायरल होने से अमेरिका में लोगों के बीच भारी रोष फैल  गया और अमेरिका के कई शहरों में दंगे भड़क उठे थे। जॉर्ज फ्लॉयड को इसलिए गिरफ्तार किया गया था क्योंकि उस पर एक स्थानीय दुकान में नकली 20 डॉलर के नोट का इस्तेमाल करने का आरोप था।  

 

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