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सियासी हलचल: फारूक के सामने पार्टी नेता उठाएंगे जम्मू के हितों से समझौता न होने का मुद्दा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 22 Jun 2021 11:28 AM IST

सार

नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि पार्टी का नेतृत्व सर्वदलीय बैठक पर फैसला लेगा। उन्होंने आशा प्रकट की कि सर्वदलीय बैठक से प्रदेश में शांति और खुशहाली का द्वार खुलेगा। डॉ. फारूक अब्दुल्ला सभी नेताओं से बात कर रहे हैं। इसके बाद ही वे कोई फैसला लेंगे।

जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस
– फोटो : सोशल मीडिया

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नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) के जम्मू के नेता बुधवार को पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ बैठक में जम्मू के हितों से जुड़े मुद्दे को उठाएंगे। उन्हें बताया जाएगा कि दिल्ली या कश्मीर का रास्ता जम्मू से होकर ही जाता है। इस वजह से जम्मू के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। 

पार्टी नेताओं का मानना है कि सर्वदलीय बैठक को लेकर जम्मू संभाग के लोगों को भी ढेरों उम्मीद हैं। उनकी आकांक्षाएं हैं। यहां के लोग शांति, प्रगति और विकास चाहते हैं। वे चाहते हैं कि राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो ताकि जवाबदेह और लोगों की बातें सुनने वाला प्रशासन स्थापित हो। जम्मू-कश्मीर के लोग एक साथ मिलकर रहना चाहते हैं और राज्य का दर्जा जल्द बहाल किए जाने के पक्ष में हैं।

उन्होंने आशा प्रकट की कि जन आकांक्षाओं की पूूर्ति होगी। जम्मू को आइसोलेशन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और न ही अलग-थलग कर देखा जाना चाहिए। इसलिए जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल होना चाहिए। देश के नागरिक होने के नाते हम चाहते हैं कि देश के अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी लोकतंत्र मजबूत हो। रोजगार और भूमि पर जम्मू-कश्मीर के लोगों का हक रहे।

ज्ञात हो कि बुधवार को श्रीनगर में बुलाई गई बैठक में शामिल होने नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, पूर्व मंत्री अजय सडोत्रा, सुरजीत सिंह सलाथिया व सज्जाद किचलू, जावेद राणा, मुश्ताक बुखारी, खालिद नजीब सुहरवर्दी, टीएस वजीर व रतन लाल गुप्ता जाएंगे। 

विस्तार

नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) के जम्मू के नेता बुधवार को पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ बैठक में जम्मू के हितों से जुड़े मुद्दे को उठाएंगे। उन्हें बताया जाएगा कि दिल्ली या कश्मीर का रास्ता जम्मू से होकर ही जाता है। इस वजह से जम्मू के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। 

पार्टी नेताओं का मानना है कि सर्वदलीय बैठक को लेकर जम्मू संभाग के लोगों को भी ढेरों उम्मीद हैं। उनकी आकांक्षाएं हैं। यहां के लोग शांति, प्रगति और विकास चाहते हैं। वे चाहते हैं कि राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो ताकि जवाबदेह और लोगों की बातें सुनने वाला प्रशासन स्थापित हो। जम्मू-कश्मीर के लोग एक साथ मिलकर रहना चाहते हैं और राज्य का दर्जा जल्द बहाल किए जाने के पक्ष में हैं।

उन्होंने आशा प्रकट की कि जन आकांक्षाओं की पूूर्ति होगी। जम्मू को आइसोलेशन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और न ही अलग-थलग कर देखा जाना चाहिए। इसलिए जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल होना चाहिए। देश के नागरिक होने के नाते हम चाहते हैं कि देश के अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी लोकतंत्र मजबूत हो। रोजगार और भूमि पर जम्मू-कश्मीर के लोगों का हक रहे।

ज्ञात हो कि बुधवार को श्रीनगर में बुलाई गई बैठक में शामिल होने नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, पूर्व मंत्री अजय सडोत्रा, सुरजीत सिंह सलाथिया व सज्जाद किचलू, जावेद राणा, मुश्ताक बुखारी, खालिद नजीब सुहरवर्दी, टीएस वजीर व रतन लाल गुप्ता जाएंगे। 

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