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सीरो सर्वे: करीब 80% लोगों में एंटीबॉडी पाए जाने और 78.65% लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगने के

चंडीगढ़2 घंटे पहलेलेखक: ननु जोगिंदर सिंह

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धनास में पहुंची सीटीयू की बस में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे लोग।

  • एक्सपर्ट्स बोले-कोरोना की तीसरी लहर में सुरक्षित रहेगा चंडीगढ़
  • लेकिन मास्क और जरूरी दूरी का पालन करना नहीं छोड़ना है
  • तब तक खतरा नहीं जब तक बहुत ही ताकतवर वेरिएंट न आ जाए

दूसरी लहर से भी ज्यादा खतरनाक मानी जा रही तीसरी लहर में चंडीगढ़ के निवासियों को ज्यादा खतरा नहीं है। सीरो सर्वे के नतीजों और वैक्सीनेशन के आंकड़ों को देखते हुए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज (एम्स) दिल्ली के डॉ. संजय राय कहते हैं कि यदि सीरो सर्वे के नतीजे यही रहते हैं तो शहर को पूरी तरह खोला जा सकता है। इस तीसरी लहर में सबसे सुरक्षित रहेंगे नेचुरल इंफेक्शन वाले लोग और उसके बाद वैक्सीनेशन वाले।

उन्होंने एक रिसर्च को शेयर करते हुए बताया कि चार लाख लोगों में से दोबारा इंफेक्शन वाले 53 लोग (0.013 फीसदी) पाए गए हैं। दोबारा इंफेक्शन वालों का प्रतिशत 0.05 फीसदी भी मान लें तो यह कम खतरनाक रहा है और मृत्यु दर भी कम है। ऐसे में साबित होता है कि नेचुरल इंफेक्शन वाले लोग सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और उसके बाद ऐसे लोग जिनको वैक्सीनेशन की दोनों डोज लग चुके हैं।

यदि सीरो सर्वे में 79% या 80% लोगों को इंफेक्शन हो चुका है तो वहां पर वैक्सीनेशन की भी जरूरत नहीं है। डॉ. राय ने कहा कि अगर 80% लोगों में नेचुरल इंफेक्शन के जरिए एंटीबॉडी बनने का नतीजा आता है तो माना जाता है कि सब कुछ सामान्य है और तीसरी लहर बहुत बड़ी नहीं होगी। लेकिन अगर इस सीरो सर्वे में वैक्सीन वाले लोगों को शामिल किया गया है और यह वैक्सीन के जरिए है तो जैसा कि पहले कहा गया है कि एक प्रभावकारी लहर होगी लेकिन मृत्यु दर वैक्सीन के कारण कम होगी। अब तीसरी लहर के खतरनाक होने का सिर्फ एक ही कारण होगा कि वायरस का कोई बहुत ज्यादा ताकतवर वैरीअंट आए और वह हमारे नेचुरल इंफेक्शन से बने इम्यून सिस्टम को तोड़ने में कामयाब हो। अगर यह नया वेरिएंट नेचुरल इन्फेक्शन वाले लोगों को दोबारा इन्फेक्ट करता है तभी चिंताजनक स्थिति होगी। एक पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के तौर पर मेरा मानना है कि सीरो सर्वे के प्राथमिक नतीजों और वैक्सीनेशन के आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ तीसरी लहर में सुरक्षित शहर होगा।

कोविड वैक्सीन प्रोजेक्ट के प्रमुख शोधकर्ता हैं डॉ. राय
एम्स के सेंटर फाॅर कम्युनिटी मेडिसन के प्राेफेसर संजय के. राय इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी और इंटरनेशनल क्लीनिकल एपिडेमाेलाॅजी नेटवर्क सहित कई इंटरनेशनल संस्थाओ के मेंबर हैं। एम्स में कोविड वैक्सीन प्रोजेक्ट के प्रमुख शोधकर्ता हैं।

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चंडीगढ़ | दैनिक भास्कर

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