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2 दिन से कमरे मे लटका था युवती का शव: घर से फोन आने पर देखने पहुंचा मकान मालिक, अंदर लटकी थी 25 वर्षीय युवती, तीन पन्नों के सुसाइड नोट में लिखा-अब डिप्रेशन बर्दाश्त नहीं हो रहा

चित्तौड़गढ़17 मिनट पहले

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पंखे पर फांसी का फंदा लगाकर की आत्महत्या।

जिले के रावतभाटा क्षेत्र में एक युवती ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण डिप्रेशन माना जा रहा है। युवती ने तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट भी लिखा जिसमें उसने परिवार, दोस्तों और स्टॉफ को परेशान ना करने की बात लिखी है।

उसमें यह भी लिखा है कि वो काफी दिनों से डिप्रेशन में है और सुसाइड करना चाहती थी। मकान मालिक ने युवती को फांसी पर लटके देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई। पुलिस ने शव को उतारा और मोर्चरी में रखवाया। साथ ही युवती के परिवार को सूचना भी दी। युवती का परिवार जयपुर में रहता है।

फ़ोन नहीं उठाने पर मां ने मकान मालकिन को किया था फोन

रावतभाटा के क्षत्रिय प्रताप कॉलोनी में किराए पर रहने वाली मनीषा (25) पुत्री कैलाश चंद बागड़ी ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मनीषा रावतभाटा कोर्ट में क्लर्क का काम करती थी और करीब ढाई साल से इसी कॉलोनी में एक मकान पर किराए पर रहती थी। मंगलवार सुबह मनीषा की मां ने मकान मालिक की पत्नी को फोन किया और बताया कि मनीषा दो दिन से फोन नहीं उठा रही है।

खिड़की से देखने पर पता चला कि मनीषा ने कर ली आत्महत्या

मनीषा की मां की चिंता को देखते हुए मकान मालकिन ने मनीषा के कमरे की तरफ जा कर दरवाजा खटखटाया, लेकिन मनीषा ने दरवाजा नहीं खोला। कुछ गलत होने की आशंका पर मकान मालकिन ने अपने पति हिम्मत सिंह राठौड़ को इस बारे में बताया। इस पर हिम्मत सिंह ने भी काफी देर तक दरवाजा खटखटाया।

दरवाजा नहीं खोलने पर हिम्मत ने बाहर रखा कूलर हटाया। फिर खिड़की पर लगे पर्दे को एक डंडे के सहारे से हटाया तो मनीषा पंखे पर लटकी हुई दिखी। वहां से काफी बदबू आ रही थी। हिम्मत सिंह ने पुलिस को फोन किया, जिस पर मौके पर थाना अधिकारी राजाराम गुर्जर मय जाब्ता पहुंचे। पुलिस ने शव को उतारा और मनीषा के परिवार को सूचना दी।

इसी मकान में किराए पर रहती थी

इसी मकान में किराए पर रहती थी

दो दिन पहले ही कर ली थी आत्महत्या, शव से आ रही थी बदबू

मकान मालिक हिम्मत सिंह का कहना है कि शनिवार को मनीषा सुबह पानी भरने के लिए निकली थी। उसके बाद किसी ने उसे नहीं देखा था। वह ज्यादा किसी से बात नहीं करती थी। ज्यादातर वह कमरे में या ऑफिस में ही होती थी। इसलिए किसी को शक भी नहीं हुआ, लेकिन शव से बदबू आने से यही लग रहा है कि उसने आत्महत्या दो दिन पहले ही कर ली होगी।

हिम्मत सिंह का कहना है कि वह काफी इंटेलिजेंट लड़की थी। किसी को भी नहीं पता था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। डेढ़ साल पहले तक उसकी दादी उसके साथ ही रहती थी, लेकिन कोरोना के समय वह घर लौट गई थीं।

मनीषा बागड़ी, फ़ाइल फ़ोटो

मनीषा बागड़ी, फ़ाइल फ़ोटो

तीन पन्नों का लिखा सुसाइड नोट

वहीं पुलिस को मनीषा के रूम से 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने डिप्रेशन की बात लिखी है। सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि “वह काफी दिन से डिप्रेशन में है और सुसाइड करना चाहती थी, लेकिन मम्मी-पापा को अकेले छोड़कर जाने का डर उसे सता रहा था।

उसे अपने परिवार की चिंता हो रही थी इसलिए वह सुसाइड नहीं कर पा रही थी। उसमें यह भी लिखा है कि उससे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा। वह अपने डिप्रेशन को झेल नहीं पा रही है। उसने अपने माता-पिता और परिवार के लिए प्यार जताया। लिखा कि, यह जो भी कर रही है, अपनी मर्जी से कर रही है। इसके बाद उसके परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और स्टॉफ मेंबर्स को उसके आत्महत्या के लिए परेशान ना करें।

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राजस्थान | दैनिक भास्कर

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