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3 साल से 33 दारोगा 18 ASI एक ही थाना: बिहार में अवैध बालू का कोराबर मामला; पुलिस कर्मी बना लेते हैं संबंध, अपराध में संलिप्त होकर तोड़ते हैं कानून

पटना11 मिनट पहले

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प्रतीकात्मक फोटो।

  • बालू के अवैध कारोबार में संलिप्तता के बाद अब पटना में पुलिस की तैनाती का नया खुलासा

बालू के काले कारोबार में पुलिस की संलिप्तता ने बिहार पुलिस पर बड़ा दाग लगा है। यह ऐसा दाग है जिससे आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास कम होता है। बालू पर बिहार सरकार के गृह विभाग के चल रहे एक्शन के बीच दैनिक भास्कर ने जब पड़ताल की तो पता चला कि पुलिस विभाग में 3 साल की अधिकतम तैनाती का नियम टूट रहा है। पटना पुलिस में ऐसे पुलिस कर्मियों की संख्या काफी अधिक है जो 3 साल से एक ही स्थान पर कुंडली मारकर बैठे हैं। SSP उपेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि उनके ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है।

कानून व्यवस्था और 3 साल का नियम

पुलिस विभाग में एक पुलिस कर्मी का एक ही स्थान पर 3 साल की तैनाती का नियम कानून व्यवस्था को लेकर ही बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नियम इसलिए बनाया गया है, जिससे पुलिस कर्मी संबंधों को लेकर गलत काम में संलिप्त नहीं हो पाएं और अपराध का और अपराधियाें से सांठ-गांठ भी नहीं होने पाए। इस नियम का सख्ती से पालन भी कराया जाता है। जहां भी इस नियम के पालन में लापरवाही हुई, वहां शिकायतों के साथ पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। पटना हाईकोर्ट की अधिवक्ता रागिनी कुमारी की RTI के जवाब से मिला है। एक ही तैनाती पर SI और ASI तैनात हैं।

3 साल से 33 पुलिस SI पटना में एक ही जगह तैनात

पटना हाईकोर्ट की अधिवक्ता रागिनी कुमारी ने पटना में तैनात पुलिस के SI और ASI के संबंध में जानकारी मांगी थी। पटना पुलिस से मिले RTI के जवाब में बताया गया है कि कि 3 वर्ष या फिर 3 वर्ष से अधिक समय से पटना में एक ही स्थान पर तैनात दारोगा SI की संख्या 33 है। इसमें कंकड़बाग थाना में 5, पत्रकार नगर में 1, परसा बाजार में 1, गोपालपुर में 2, बुद्धा कॉलोनी में 1, राजीवनगर में 1, गांधी मैदान में 2, अगमकुआ में 5, मेहदीगंज में 1, बाइपास में 1, खुसरुपुर 1, फुलवारी में 1, बेउर में 1, रुपसपुर में 2, शाहपुर में 1, नेउरा में 1, धनरुआ, दुल्हिन बाजार में 1-1 और मोकामा में 2, बख्तियारपुर में 1 और मरांची में 1 शामिल हैं।

18 ASI की पटना में 3 साल से एक ही पोस्टिंग

पटना जिले के विभिन्न थानों में 18 से अधिक ऐसे ASI तैनात हैं जो 3 साल या उससे अधिक समय बिता चुके हैं। नियम से उनका तबादला हो जाना चाहिए थो लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। लेकिन वह एक ही थाने में जमे हुए हैं। इसमें जक्कनपुर में 1, बुद्धा कॉलाेनी में 3, पीरबहोर में 2, पटना विश्वविद्यालय टीओपी में 2, अगमकुआं में 1, दनियावा में 1, खुसरुपुर में 1, बिहटा में 1, खिड़ीमोड़ में 1, अथमलगोला में 1 और हथिदह थाना में 1 ASI तैनात है। नियम के बाद भी 3 साल का समय एक ही जिले में पूरा करने के बाद भी उन्हें नहीं हटाया गया है।

यह तो दारोगा का हाल, जवानों की संख्या भी अधिक

33 SI और 18 ASI के साथ पुलिस के जवान भी अधिक संख्या में ऐसे हें जो पटना में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं, उन्हें समय सीमा के बाद भी हटाया नहीं गया है। ऐसे में पुलिस कर्मियों के एक ही स्थान पर तैनाती के कारण समस्या हो सकती है। इसका सीधा असर कानून व्यवस्था पर पड़ सकता है। कानून व्यवस्था को लेकर और 3 साल से अधिक समय से एक ही जिले में तैनात दारोगा व ASI के बारे में SSP पटना उपेंद्र शुक्ला का कहना है कि ऐसे लोगों का ट्रांसफर किया जाता है जो 3 साल का समय पूरा कर चुके हैं, उन्हें जिले में अलग तैनाती दी जाती है।

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बिहार | दैनिक भास्कर

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