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50% बुवाई पुरी ,सोयाबीन के बीज का अब भी इंतजार: रतलाम जिले में मानसून की बारिश के बाद 50% बुवाई कार्य पूरा, लेकिन कृषि विभाग और सहकारी समितियों में अब तक नहीं पहुंचा सोयाबीन का बीज

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  • After Monsoon Rains In Ratlam District, 50% Sowing Work Completed, But Soyabean Seeds Have Not Yet Reached The Agriculture Department And Cooperatives

रतलाम20 मिनट पहले

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सोयाबीन की बुवाई का कार्य शुरू

  • कृषि विभाग और सहकारी समितियों के केंद्रों पर अब तक नहीं पहुंचा सोयाबीन का प्रमाणित बीज
  • 50% से अधिक किसानों ने अप्रमाणित बीज से कर दी खेतों में बुवाई

रतलाम जिले में मानसून की अच्छी बरसात के बाद सोयाबीन की बुवाई का कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन कृषि विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाला सोयाबीन का बीज अब तक जिले में है नहीं पहुंचा है। कृषि विभाग के अधिकारी बीज निगम से सोयाबीन का बीज मंगाने का आश्वासन दे रहे हैं । जबकि किसान अप्रमाणित बीज महंगे दामों पर खरीद कर बुवाई करने में जुट गए हैं। रतलाम जिले में बुवाई का 50% कार्य पूर्ण भी हो चुका है। आने वाले 2 दिनों में जिले में अधिकांश बुवाई का कार्य पूर्ण हो जाएगा । इसके बाद कृषि विभाग और सरकारी समितियों में आने वाला सोयाबीन का बीज किसी उपयोग का नहीं रहेगा।

दरअसल बीते वर्ष सोयाबीन की फसल में अतिवृष्टि और येलो मोजैक वायरस के प्रकोप की वजह से पूरे प्रदेश में सोयाबीन का उत्पादन प्रभावित हुआ था। खास करके उज्जैन संभाग में बीज उत्पादक समितियों और बीज निगमों के पास सोयाबीन के बीज की भारी किल्लत बनी हुई थी। किसानों को कृषि विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से सोयाबीन का बीज मिलने की उम्मीद थी लेकिन बार बार चक्कर लगाने के बावजूद किसानों को सोयाबीन का बीज नहीं मिला।

वर्तमान में मानसून की जोरदार बारिश के बाद रतलाम जिले में अधिकांश बुवाई का कार्य पूर्ण होने वाला है। मंगलवार तक रतलाम जिले में 50% से अधिक बोनी का कार्य पूर्ण हो चुका है। सोयाबीन के अच्छे उत्पादन के लिए प्रमाणित और वायरस रोधी बीज की तलाश में किसानों ने कृषि विभाग और सहकारी समितियों के चक्कर लगाए लेकिन बीज उपलब्ध नहीं होने पर किसान अब अप्रमाणित भेज महंगे दामों पर खरीद कर बुवाई करने को मजबूर हैं। रतलाम जिले के जावरा, सैलाना, रतलाम ग्रामीण ,ताल और पिपलोदा के क्षेत्रों में सोयाबीन की बुवाई का कार्य आगे से अधिक हो चुका है। ऐसे में कृषि विभाग के अधिकारी भले ही बीज निगम से सोयाबीन का बीज एक-दो दिनों में मिलने की बात कह रहे हैं। लेकिन जिले के हजारों किसान सोयाबीन की बुवाई कर चुके हैं।

बहरहाल सोयाबीन का बीज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में कई किसान वैकल्पिक फसलों मक्का और उड़द की बुवाई कर रहे हैं।वही जिले के हजारों किसान महंगे दामों पर खराब गुणवत्ता के बीज खरीद कर बोने को मजबूर है।

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मध्य प्रदेश | दैनिक भास्कर

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