Breaking News

NIA कोर्ट का फैसला: 2012 में हिन्दू नेताओं और पत्रकारों की हत्या का षड्यंत्र रचने के मामले में गिरफ्तार तीन लोगों को 10 साल की सजा हुई

  • Hindi News
  • Local
  • Maharashtra
  • NIA Court Verdict: Three People Arrested For Conspiring To Kill Hindu Leaders And Journalists In 2012 Were Sentenced To 10 Years

मुंबई26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) ने 2012 में नांदेड़ से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

देश में अशांति फैलाने के लिए हिन्दू नेताओं और पत्रकारों की हत्या का षड्यंत्र रचने के मामले में महाराष्ट्र के नांदेड़ से 2012 में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को यहां स्थित विशेष NIA कोर्ट ने मंगलवार को 10 साल की सजा सुनाई है। इसी मामले में NIA के विशेष जज डी ई कोठलीकर ने दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) ने 2012 में नांदेड़ से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में, नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। अदालत ने मंगलवार को मोहम्मद अकरम, मोहम्मद मुजम्मिल और मोहम्मद सादिक को गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) तथा शस्त्र कानून के तहत दोषी ठहराया और उन्हें 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। मामले में मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इलियास को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

दुबई काम के लिए गया और बन गया आतंकी
एनआईए के अनुसार, अकरम रोजगार के बहाने सऊदी अरब गया था और वहां रहने के दौरान वह पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के विभिन्न लोगों के संपर्क में आया। एजेंसी ने कहा कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अकरम ने अपने आकाओं के साथ मिलकर नांदेड़, हैदराबाद और बेंगलुरु सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में जाने-माने हिन्दू नेताओं, पत्रकारों और पुलिस अधिकारियों की हत्या करने का षड्यंत्र रचा। एनआईए ने अदालत से कहा कि इससे पहले कि आरोपी अपने षड्यंत्र को अंजाम दे पाते, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

खबरें और भी हैं…

महाराष्ट्र | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

महाराष्ट्र में ‘महा बाढ़’: सांगली में तबाही के बाद सामने आईं डराने वाली तस्वीरें, घर की छतों पर पहुंचा मगरमच्छ; सड़क पर भी घूमते हुए नजर आये

सांगलीएक घंटा पहले कॉपी लिंक जो वीडियो सामने आया है उसमें देखा जा सकता है …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *